एटा जनपद न्यायालय में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न
एटा जनपद न्यायालय परिसर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हर्षोल्लास के साथ हुआ। ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आजादी का पर्व मनाया गया।
एटा जनपद न्यायालय परिसर में 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राकेश धर दुबे ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित समस्त न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया गया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।
समारोह के दौरान पुलिस आरक्षियों द्वारा भव्य परेड का आयोजन किया गया और सलामी दी गई। यह दृश्य एटा की न्यायिक व्यवस्था की अनुशासनबद्धता और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा को प्रदर्शित कर रहा था। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के बाद सभागार में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें आजादी के संघर्ष और भारतीय संविधान के मूल्यों पर विस्तृत चर्चा हुई।
आजादी के महत्व पर विचार विमर्श
कार्यक्रम के दूसरे चरण में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने अपने ओजस्वी विचारों से उपस्थित श्रोताओं को संबोधित किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार-XI, अपर जिला जज कमालुद्दीन तथा अपर सिविल जज सुश्री आरती मोर्या ने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों का यह कर्तव्य है कि वे संविधान में निहित स्वतंत्रता और समानता के अधिकारों को आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुँचाएं।
न्यायालय के सभागार में आयोजित इस विचार गोष्ठी में निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया:
- संविधान के प्रति निष्ठा: देश की आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संवैधानिक मूल्यों का पालन करना।
- न्याय की सुलभता: समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के संकल्प को दोहराना।
- राष्ट्रीय एकता: विविधताओं के बीच देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने में न्यायिक प्रणाली की भूमिका।
गोष्ठी का समापन सामूहिक राष्ट्रगीत के साथ हुआ, जिसमें सभी न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूर्ण उत्साह के साथ सहभागिता की।
समारोह की गरिमापूर्ण उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर जनपद न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मनीषा, अशोक कुमार, विनीत कुमार वाश्वानी, नरेन्द्र पाल राणा, शशी भूषण कुमार शाण्डिल, शीलवन्त, मोहम्मद फ़िरोज़, सुमिता, विकास कुमार वर्मा, युगल चन्द्र चौधरी, शुभी अग्रवाल, जागृति केशरवानी और सत्यम सिंहल प्रमुख थे। इनके साथ ही न्यायालय के समस्त कर्मचारीगण और पुलिस सुरक्षा कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
स्वतंत्रता दिवस का यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिकता मात्र था, बल्कि यह एटा के न्यायिक परिवार के लिए राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान को पुनः समर्पित करने का एक अवसर भी रहा। जिला सूचना कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित सभी लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया।
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