एटा में 31 दिसंबर तक लागू रहेगी धारा-163, प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन्स
एटा प्रशासन ने आगामी त्योहारों और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 31 दिसंबर 2026 तक धारा-163 लागू कर दी है। उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत पूरे जनपद में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) अजय नारायण सिंह ने इस आदेश के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आम नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की है।
प्रशासन का उद्देश्य और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाली भीड़भाड़ को नियंत्रित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण त्योहार और कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं। इन त्योहारों की सूची में दशहरा, महानवमी, विजयादशमी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, चित्रगुप्त जयंती, गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा, गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस और क्रिसमस-डे शामिल हैं। इन आयोजनों के दौरान जनपद में भारी जनसमूह उमड़ता है, जिसे व्यवस्थित करना और सुरक्षा प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इसके साथ ही, समय-समय पर विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किए जाते हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन आवश्यक है। जनसामान्य की सुरक्षा, जनहित और लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है ताकि जनपद में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।
निषेधाज्ञा के तहत प्रमुख दिशा-निर्देश
धारा-163 के प्रभावी होने के बाद, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:
- सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के भीड़ एकत्रित करना प्रतिबंधित है।
- किसी भी प्रकार के उकसावे वाले प्रदर्शन या अशांति फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी।
- सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं या अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
- किसी भी प्रकार के जुलूस या सभा के लिए स्थानीय प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि कानून व्यवस्था का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। यह निषेधाज्ञा किसी के अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं, बल्कि सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है। शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आमजन से सहयोग की अपील
एटा प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को दें। त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना ही इस आदेश की सफलता का मूल आधार है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति आदेशों की अवहेलना करता है या शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
जनपद में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और त्योहारों का उल्लास शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
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