एटा: संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु जिलाधिकारी ने गांव का किया निरीक्षण

एटा के ग्राम रसूलपुर गढ़ौली में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने संक्रामक रोगों के नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

Oct 10, 2026 - 20:44
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एटा: संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु जिलाधिकारी ने गांव का किया निरीक्षण

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एटा जिले के मारहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रसूलपुर गढ़ौली में संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जी और मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र के साथ गांव का आकस्मिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर स्वच्छता तक की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

स्वच्छता और जल निकासी पर विशेष प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण करते हुए साफ-सफाई की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि गांव में जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म किया जाए। नाले-नालियों की नियमित सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव और सड़कों के किनारे चूने का छिड़काव सुनिश्चित करना अनिवार्य है। स्वच्छता अभियान को एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में चलाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संक्रामक रोगों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका साफ-सफाई ही है।

पेयजल सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन

निरीक्षण के दौरान जल निगम ग्रामीण द्वारा किए गए परीक्षण में आठ हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल उन हैंडपंपों पर लाल क्रॉस का निशान लगाकर उनके उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। पानी की टंकी की नियमित सफाई, क्लोरीनेशन और पाइपलाइन की मरम्मत को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाया है। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे सावधानी बरतते हुए पानी उबालकर ही पिएं।

स्वास्थ्य शिविरों का संचालन और चिकित्सा निगरानी

गांव में स्वास्थ्य विभाग और वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीमें लगातार सक्रिय हैं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण करते हुए मरीजों की सैंपलिंग और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित और संभावित मरीजों की निगरानी में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही, ग्रामीणों को सचेत करते हुए कहा गया कि वे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर झोलाछाप या अप्रशिक्षित चिकित्सकों के पास न जाएं, बल्कि केवल सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों या अधिकृत चिकित्सकों से ही परामर्श लें।

समन्वय और जवाबदेही के कड़े निर्देश

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी सदर को संयुक्त रूप से गांव की नियमित निगरानी करने को कहा है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए ताकि संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जन स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गांव में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

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SuragBureau

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