थाना समाधान दिवस: जिलाधिकारी ने दिए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
एटा में थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
एटा जिले में जन समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित थाना समाधान दिवस में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने थाना मिरहची का दौरा किया और वहां उपस्थित फरियादियों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समाधान केवल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाए और उनके निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि शिकायतों का निस्तारण केवल पत्राचार तक सीमित रह जाता है, जिसे अब पूरी तरह बदलना होगा। प्रत्येक प्रकरण में वास्तविक स्थिति का स्थलीय सत्यापन होना अनिवार्य है। यदि मामला राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित है, तो दोनों विभागों की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार थाने या तहसील के चक्कर न काटने पड़ें।
जनसुनवाई और मिशन शक्ति की समीक्षा
जनसुनवाई के माध्यम से थाने भेजे गए प्रकरणों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन शिकायतों को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए जितनी कि सीधे प्राप्त शिकायतों को। उन्होंने थाना पंजिका का सूक्ष्म अवलोकन किया और लंबित प्रकरणों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के आदेश दिए।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने थाना परिसर में स्थापित 'मिशन शक्ति' सेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों से पूछा कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों को किस प्रकार दर्ज किया जा रहा है और उन पर क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सुरक्षा के मामलों में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण है।
महिला सुरक्षा और जागरूकता के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- महिलाओं और बालिकाओं की शिकायतों को पूरी गोपनीयता और तत्परता के साथ दर्ज किया जाए।
- अधिकारों और सुरक्षा संबंधी कानूनों के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए नियमित शिविर आयोजित किए जाएं।
- महिला पुलिसकर्मियों को पीड़ितों के साथ मित्रवत व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त होने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग स्वयं करें। समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना है। यदि अधिकारी समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करेंगे, तो निश्चित रूप से शासन की छवि बेहतर होगी और जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ेगा।
थाना मिरहची में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय फरियादी भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस दौरे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जन शिकायतों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जाएगा।
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