Mainpuri News : शिक्षक हत्याकांड का खुलासा, दोस्त और दो भाइयों समेत पांच गिरफ्तार
Mainpuri News : शिक्षक हत्याकांड का खुलासा, दोस्त और दो भाइयों समेत पांच गिरफ्तार
मैनपुरी (अजय किशोर) थाना एलाऊ क्षेत्र में हुए सनसनीखेज शिक्षक यशपाल हत्याकांड का पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान सफल अनावरण कर दिया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को दिनदहाड़े शिक्षक यशपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके संबंध में थाना एलाऊ में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के आदेश एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में थाना एलाऊ, सर्विलांस, मीडिया सेल, एसओजी और एवीटी की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था।
जांच के दौरान 24 सितंबर 2026 को चेकिंग के वक्त मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मैनपुरी कुशमरा रोड से ग्राम राजलपुर जाने वाले रास्ते पर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में की गई आत्मरक्षार्थ फायरिंग में अजय उर्फ शहंशाह पुत्र अहिवरन सिंह के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि उसके अन्य दो साथियों शिवा पुत्र सुदेश कुमार और राजेश पुत्र अर्जुन सिंह को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही और तलाशी पर पुलिस ने अवैध तमंचे, जिंदा व खोखा कारतूस, हत्या के लिए दिए गए 80000 रुपये और मोटरसाइकिल बरामद की। इसके बाद पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड शिक्षक रामपाल पुत्र रामसनेही और उसके भाई रामप्रवेश पुत्र रामसनेही को भी हुंडई एक्सेंट कार के साथ सिधपुर तिराहे से दबोच लिया।
प्रेस वार्ता में हुए खुलासे के मुताबिक, रामपाल और उसके भाइयों के बीच एक सौ अस्सी बीघा जमीन को लेकर पुराना और गहरा विवाद चल रहा था। भूमि बंटवारे के कारण रामपाल और रामप्रवेश एक पक्ष में थे, जबकि दूसरे पक्ष में रामवीर और उनके पुत्र थे। रामपाल और रामप्रवेश ने योजना बनाई थी कि रामपाल के साथ तीस वर्षों से साथ रहने वाले दोस्त शिक्षक यशपाल की हत्या करवाकर विरोधी पक्ष के रामवीर व उनके पुत्रों को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाए, जिससे उनका पुराना विवाद हमेशा के लिए खत्म हो सके। इसके अलावा यशपाल द्वारा अपनी सारी कमाई और संपत्ति मकान रामपाल को स्वतः मिल जाने की बात भी सामने आई तथा उन्हें यह शंका थी कि यशपाल के कारण समाज में उनकी बदनामी हो रही है। इन्हीं कारणों से रामपाल और रामप्रवेश ने योजनाबद्ध तरीके से शिवा और राजेश को दो लाख रुपये की सुपारी देकर यशपाल की हत्या की साजिश रची थी, जिसमें बाद में अजब उर्फ शहंशाह को भी शामिल किया गया। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक फतेह बहादुर सिंह भदौरिया, निरीक्षक जितेन्द्र सिंह चन्देल, निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह चौहान, निरीक्षक छत्रपाल सिंह, थानाध्यक्ष अवनीश कुमार त्यागी, उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक मुन्नालाल, उपनिरीक्षक लाखन सिंह और कांस्टेबल सतीश यादव की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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