फर्रुखाबाद: अवैध मिठाई फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा, मच गया हड़कंप

फर्रुखाबाद के लालपुर पट्टी में अवैध रूप से चल रही मिठाई फैक्ट्री पर खाद्य विभाग की छापेमारी। मौके से लड्डू और सोनपपड़ी के नमूने सील, संचालक फरार।

Oct 31, 2026 - 20:42
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फर्रुखाबाद: अवैध मिठाई फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा, मच गया हड़कंप

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त्योहारों के सीजन के बीच बाजारों में बिकने वाली मिठाइयों की शुद्धता को लेकर चिंताएं एक बार फिर गहरा गई हैं। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज क्षेत्र में स्थित लालपुर पट्टी गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक ऐसी मिठाई फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जो पूरी तरह से अवैध तरीके से घर के अंदर संचालित की जा रही थी। इस छापेमारी के बाद न केवल संबंधित इलाके में हड़कंप मच गया, बल्कि आसपास के मिठाई विक्रेताओं में भी खलबली देखी गई।

अवैध निर्माण और छापेमारी की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी जावेद अख्तर के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ जब टीम ने लालपुर पट्टी गांव में दबिश दी, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। एक साधारण से घर के भीतर बड़े पैमाने पर रंग-बिरंगे लड्डू और सोनपपड़ी बनाई जा रही थी। टीम को देखते ही कारखाने का संचालक राकेश मौके से रफूचक्कर हो गया। हालांकि, मौके पर उसका भाई मौजूद मिला, जिससे पूछताछ की गई। छापेमारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ वहां जमा हो गई और मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

दस्तावेजों का अभाव और नमूनों की सीलिंग

जांच के दौरान जब विभाग ने संचालक से फैक्ट्री के संचालन संबंधी लाइसेंस और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मांगे, तो कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। यह स्पष्ट था कि बिना किसी पंजीकरण और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के ही यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां तैयार रखे गए लड्डुओं और सोनपपड़ी के नमूने लिए। इन नमूनों को नियमानुसार सील कर दिया गया है और अब उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि इन मिठाइयों में किस प्रकार के रंग और पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था।

बाजार में मचा हड़कंप और बंद हुईं दुकानें

इस छापेमारी का असर केवल उस घर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के मिठाई बाजार में इसका सीधा असर देखा गया। जैसे ही कार्रवाई की खबर फैली, आसपास के कई मिठाई दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि कहीं न कहीं दुकानदारों को अपनी गुणवत्ता और लाइसेंस को लेकर डर था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय-समय पर ऐसी औचक निरीक्षण की कार्रवाई करता रहे, तो बाजार में बिकने वाली मिलावटी मिठाइयों पर लगाम लगाई जा सकती है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषी व्यक्तियों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह अवैध निर्माण केंद्र कब से चल रहा था और यहाँ बनी मिठाइयां किन-किन बाजारों में सप्लाई की जा रही थीं। क्या ये मिठाइयां आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं? इन सभी सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेंगे। तब तक, यह घटना क्षेत्र के निवासियों के लिए एक चेतावनी है कि वे त्योहारों पर मिठाइयां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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