फर्रुखाबाद: 250 क्विंटल राशन का गबन, कोटेदार मां-बेटे पर FIR दर्ज
फर्रुखाबाद के वाजिदपुर गांव में 250 क्विंटल सरकारी राशन के गबन का मामला सामने आया है। पूर्ति विभाग ने कोटेदार मां-बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दुकान निलंबित की।
फर्रुखाबाद जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में एक बड़ी धांधली का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। शमशाबाद विकासखंड के ग्राम वाजिदपुर में गरीबों के हक का लगभग 250 क्विंटल सरकारी राशन गायब पाए जाने के बाद कोटेदार मां-बेटे के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। जिला पूर्ति विभाग द्वारा की गई गहन जांच में इस गंभीर अनियमितता की पुष्टि हुई है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में हुआ 249.84 क्विंटल राशन का खुलासा
ग्राम वाजिदपुर के निवासियों द्वारा राशन वितरण में धांधली और कालाबाजारी की लगातार शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने पूर्ति विभाग को जांच के आदेश दिए। पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव के नेतृत्व में जब दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जांच में पाया गया कि दुकान पर मौजूद खाद्यान्न और कागजी रिकॉर्ड में भारी अंतर है। कुल 249.84 क्विंटल राशन का कोई हिसाब नहीं मिला, जो सीधे तौर पर सरकारी संपत्ति के गबन की ओर इशारा करता है।
गायब राशन का विवरण इस प्रकार है:
- गेहूं: 67.76 क्विंटल
- चावल: 98.80 क्विंटल
- मक्का: 46.74 क्विंटल
- बाजरा: 33.43 क्विंटल
- चीनी: 1.11 क्विंटल
प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
जिला पूर्ति अधिकारी अनिल कुमार यादव ने पुष्टि की है कि जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के उपरांत 4 नवंबर को राशन की दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। कोटेदार रेशमा देवी और उनके बेटे विमलेश कुमार के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी राशन में किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला न केवल कोटेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि वितरण व्यवस्था की निगरानी प्रणाली की खामियों को भी उजागर करता है।
कार्डधारकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
इस पूरी घटनाक्रम के बीच यह सुनिश्चित किया गया है कि गांव के पात्र राशन कार्डधारकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विभाग ने तत्काल प्रभाव से वाजिदपुर की निलंबित राशन दुकान को नजदीकी गांव के कोटेदार दिनेश कुमार की दुकान से संबद्ध कर दिया है। अब वाजिदपुर के सभी उपभोक्ता दिनेश कुमार की दुकान से अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकेंगे।
वर्तमान में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहन विवेचना की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कोटेदारों की जवाबदेही तय करना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन अब इस मामले में कोटेदार के अन्य सहयोगियों और कालाबाजारी के नेटवर्क की भी जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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