राजेपुर में अधूरा चकमार्ग बना ग्रामीणों की मुसीबत, युवा करणी सेना का प्रदर्शन
राजेपुर में अधूरे चकमार्ग और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर युवा करणी सेना ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन। पेयजल, रोशनी और अतिक्रमण हटाने की उठाई मांग।
राजेपुर क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण अधूरी पड़ी सरकारी परियोजनाएं और अतिक्रमण है। हाल ही में, युवा करणी सेना ने इस विषय पर मुखर होते हुए उपजिलाधिकारी (न्यायिक) राजेश कुमार पांडेय को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि चकमार्ग का निर्माण कार्य बीच में ही रुक जाने के कारण उन्हें आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे न केवल स्कूली बच्चों बल्कि किसानों और बुजुर्गों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
अधूरे निर्माण और अतिक्रमण का दंश
ज्ञापन में प्रमुखता से चकमार्ग संख्या 732 का उल्लेख किया गया है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग कार्ययोजना में शामिल होने के बावजूद बजट के अभाव में आज भी अधूरा पड़ा है। रास्ते में एक नीम और दो बेरी के पेड़ खड़े होने के साथ-साथ खेतों की सीमाओं पर लगाए गए कंटीले तारों ने आवागमन के रास्ते को संकरा बना दिया है। इसके अतिरिक्त, रास्ते पर पशुओं को बांधने और अवैध अतिक्रमण के चलते यह मार्ग चलने के लायक नहीं रह गया है। युवा करणी सेना ने मांग की है कि प्रशासन अविलंब इस मार्ग की जांच करे और अतिक्रमण को हटाकर इसे आम जनता के लिए सुगम बनाए।
मनरेगा के माध्यम से समाधान की मांग
समस्या के समाधान के लिए संगठन ने सुझाव दिया है कि मनरेगा योजना के तहत इस अधूरे चकमार्ग का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। इससे न केवल ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। संगठन का मानना है कि यदि प्रशासन इच्छाशक्ति दिखाए, तो इन बाधाओं को दूर करना कठिन नहीं है।
पेयजल और प्रकाश व्यवस्था पर जोर
सिर्फ रास्ते की समस्या ही नहीं, बल्कि तालाब के किनारे बसे निवासियों की पेयजल किल्लत और मोहल्ले में व्याप्त अंधेरे का मुद्दा भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि शुद्ध पेयजल की कमी के कारण महिलाएं और बच्चे दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं। इसके साथ ही, शाम ढलते ही मोहल्ले में अंधेरा छा जाने से सुरक्षा का खतरा बना रहता है। संगठन ने मांग की है कि:
- सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी हैंडपंप की स्थापना की जाए।
- संपूर्ण मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- बुनियादी सुविधाओं का लाभ हर ग्रामीण तक पहुँचाया जाए।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता भविष्य में आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर राजेपुर ब्लॉक अध्यक्ष ज्ञानू ठाकुर, दलबीर सिंह, मीडिया प्रभारी विवेक सिंह वशिष्ठ, गोविंद सिंह सोमवंशी, अभिषेक सिंह, मोहित सिंह, अतुल सिंह, सुशील सिंह, रामकुमार सिंह, शिवम सिंह, सुनील सिंह, वसंत, देव सिंह, सोहन सिंह, आदित्य सिंह और पुरमेश सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त करने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को अब ठोस परिणाम की प्रतीक्षा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)