एटा: मारपीट और जानलेवा हमले का आरोपी तमंचे संग गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई
एटा के थाना पिलुआ पुलिस ने हत्या के प्रयास और मारपीट के वांछित आरोपी को अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया। मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
जनपद एटा में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना पिलुआ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में लंबे समय से वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपी के पास से पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं, जिसके बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया गया है।
घटना का विवरण और पृष्ठभूमि
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जनपद के थाना पिलुआ क्षेत्र का है। ग्राम भदुआ निवासी प्रमोद कुमार पुत्र बद्रीप्रसाद ने 10 अक्टूबर 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसके भाई विनोद के साथ उनका विवाद चल रहा था। विवाद की मुख्य जड़ खेत की जुताई को लेकर थी। जब प्रमोद ने खेत पर जाकर अपने भाई से जुताई न करने का कारण पूछा, तो विनोद और उसकी पत्नी ने उत्तेजित होकर प्रमोद के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मामला यहीं शांत नहीं हुआ। आरोप है कि घर पहुंचने के बाद विनोद ने और अधिक हिंसक रुख अपनाते हुए प्रमोद के पुत्र को निशाना बनाया। जान से मारने की नियत से विनोद ने अवैध तमंचे से फायर कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पीड़ित पक्ष ने तुरंत थाना पिलुआ में मुकदमा दर्ज कराया। इस आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और 109(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जी के निर्देशन में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानंद के पर्यवेक्षण में पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम भदुआ निवासी आरोपी विनोद पुत्र बद्रीप्रसाद को धर दबोचा।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से निम्नलिखित बरामदगी हुई:
- 315 बोर का एक अवैध तमंचा।
- एक खोखा कारतूस।
- एक जिंदा कारतूस।
अवैध असलहे की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 की बढ़ोतरी की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार वशिष्ठ मुख्य भूमिका में रहे। उनके साथ कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल सतपाल सिंह और कांस्टेबल सत्यवीर सिंह ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अपराधियों के खिलाफ इस प्रकार के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। यह गिरफ्तारी स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि आरोपी के पास से बरामद हथियार किसी बड़ी अनहोनी का संकेत हो सकते थे। पुलिस अब आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
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