साइबर सुरक्षा जागरूकता माह: एटा पुलिस की ओर से विशेष सुरक्षा निर्देश
साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत एटा पुलिस ने ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए नागरिकों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक ने जहाँ हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इसी गंभीरता को समझते हुए 'साइबर सुरक्षा जागरूकता माह' के अंतर्गत एटा पुलिस द्वारा एक व्यापक जागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह करना और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए सशक्त बनाना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जि. के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्री श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में, क्षेत्राधिकारी साइबर श्री नीतीश गर्ग के नेतृत्व में यह मुहिम पूरे जनपद में जोर-शोर से चलाई जा रही है।
जन-जागरूकता का व्यापक प्रयास
थाना दिवस के अवसर पर जनपद के सभी थानों में एक विशेष आयोजन किया गया, जिसमें फरियादियों, स्थानीय नागरिकों और राजस्व टीम के कर्मियों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा करना एक बड़ी भूल हो सकती है। यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल टोल फ्री नंबर 1930 या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
साइबर सुरक्षा के अनिवार्य नियम
सुरक्षित रहने के लिए एटा पुलिस ने विशेष सावधानियां जारी की हैं, जिनका पालन करना प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है:
- डिजिटल अरेस्ट का भ्रम: ध्यान रखें कि 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। पुलिस या कोई भी सरकारी संस्था कभी भी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती।
- आर्थिक लेन-देन की सावधानी: ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन की आवश्यकता नहीं होती। किसी परिचित की आवाज सुनकर भी बिना पुष्टि किए ऑनलाइन उधार न दें।
- फर्जी निवेश और जॉब ऑफर: सोशल मीडिया या अनजान लिंक के माध्यम से आने वाले ट्रेडिंग एप या विदेश में नौकरी के लुभावने ऑफर्स से बचें।
- कार्ड सुरक्षा: अपने बैंक कार्ड नंबर, सीवीवी और ओटीपी को किसी भी स्थिति में साझा न करें।
- सोशल मीडिया सतर्कता: किसी भी वीडियो या तस्वीर को बिना सच्चाई जाने फॉरवर्ड न करें। साथ ही, अनजान नंबरों से आए APK फाइल्स को कभी भी डाउनलोड न करें।
- अवैध लेन-देन: कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी अनजान व्यक्ति को न दें, क्योंकि इसका दुरुपयोग कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।
एटा पुलिस का मानना है कि सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है। साइबर अपराधी अक्सर लोगों की भावनाओं या डर का लाभ उठाते हैं, इसलिए तकनीकी ज्ञान और सतर्कता ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। यदि आप स्वयं जागरूक हैं, तो अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इन नियमों के बारे में बताएं। याद रखें, एक सतर्क नागरिक ही सुरक्षित नागरिक है। एटा पुलिस निरंतर आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे अभियानों के माध्यम से डिजिटल इंडिया के सपने को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
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