एटा: डीएम एम. अरुन्मोली की सख्ती, शिकायतों के फर्जी निस्तारण पर रोक
डीएम एम. अरुन्मोली ने जनसुनवाई में अधिकारियों को चेताया, फर्जी निस्तारण के बजाय मौके पर जाकर जांच और शिकायतकर्ता का फीडबैक लेना अनिवार्य किया।
जनशिकायतों के निस्तारण में चल रही ढिलाई और कागजी खानापूरी पर एटा प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में शिकायतों का निस्तारण केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा। अब हर शिकायत के गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए मौके पर जाकर जांच करना और शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य होगा।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
डीएम ने शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा कि औपचारिकता पूरी करके शिकायतें बंद करने की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि शिकायत का निस्तारण तभी माना जाएगा जब अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधा संवाद करेंगे। यदि मामला संवेदनशील है, तो संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना होगा। इसके अलावा, कार्रवाई पूरी होने के बाद स्थल की फोटोग्राफ भी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता महज आंकड़ों का मिलान नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या का वास्तविक समाधान है।
संयुक्त टीमों का होगा गठन
शिकायतों की गहन जांच के लिए जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों के गठन का निर्देश दिया है। ये टीमें मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करेंगी ताकि पात्र व्यक्तियों को समय पर न्याय और राहत मिल सके। डीएम ने स्वयं कुछ पुराने शिकायतकर्ताओं को फोन कर उनके फीडबैक की जानकारी ली, ताकि निस्तारण की वास्तविकता को परखा जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने भी पुलिस से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतने और पीड़ितों को अनावश्यक चक्कर न लगाने देने के निर्देश दिए हैं।
समाधान दिवस की स्थिति
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान तीनों तहसीलों में कुल 133 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से मौके पर केवल 14 का ही निस्तारण संभव हो सका। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- अलीगंज तहसील: डीएम की अध्यक्षता में 84 शिकायतें आईं, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण हुआ।
- एटा सदर: अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की मौजूदगी में 27 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 का समाधान हुआ।
- जलेसर तहसील: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में 22 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 4 का मौके पर निस्तारण किया गया।
शेष सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मिशन शक्ति 6.0 का संदेश
समाधान दिवस के मंच का उपयोग मिशन शक्ति 6.0 के प्रचार-प्रसार के लिए भी किया गया। डीएम ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने महिला सुरक्षा हेल्पलाइन के बेहतर उपयोग और अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा, जिन्होंने जन समस्याओं के त्वरित निराकरण का संकल्प दोहराया।
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