एटा: जिलाधिकारी ने गो-संरक्षण केंद्र का किया निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
एटा जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने किनोड़ी खैराबाद गो-संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया और गौशाला व निर्माण कार्यों में सुधार के लिए कड़े निर्देश जारी किए।
एटा जिले में निराश्रित गोवंशों की स्थिति को सुधारने और उनके समुचित रखरखाव के प्रति जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने अलीगंज स्थित बृहद गो-संरक्षण केंद्र, किनोड़ी खैराबाद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर में मौजूद सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को गोवंशों के बेहतर जीवन स्तर के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गो-संरक्षण केंद्र में व्यवस्थाओं का जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले गौशाला में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की। उन्होंने मॉनिटरिंग स्क्रीन को स्वयं देखा और सुनिश्चित किया कि निगरानी व्यवस्था में कोई चूक न हो। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कैमरों का संचालन निर्बाध रूप से होना चाहिए और इसके लिए पर्याप्त पावर बैकअप की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। गोवंशों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह तकनीकी व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गौशाला के संचालन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिलाधिकारी ने वर्मी कम्पोस्ट और बायोगैस प्लांट स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए जैविक खाद का उत्पादन किया जाना चाहिए, जो न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल है, बल्कि इससे गौशाला की आय में भी वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, उन्होंने गोवंशों को नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध कराने और पशु चिकित्सकों के माध्यम से उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच व उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चारागाह विकास और नेपियर घास की पहल
उप जिलाधिकारी अलीगंज ने निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गौशाला से सटी हुई चारागाह भूमि पर नेपियर घास की खेती की जा रही है। यह घास गोवंशों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला चारा प्रदान करेगी, जिससे उन्हें पौष्टिक आहार की उपलब्धता बनी रहेगी। जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे और अधिक व्यवस्थित रूप से विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर सख्ती
गो-संरक्षण केंद्र के निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने अलीगंज स्थित रामलीला मैदान का दौरा किया, जहाँ बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के लंबे समय से लंबित होने और मौके पर कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से उप जिलाधिकारी अलीगंज की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन करने का आदेश दिया।
यह समिति सीएनडीएस (CNDS) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गहन जांच करेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट में यदि निर्माण सामग्री या कार्य में किसी प्रकार की कोताही पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और उच्च मानकों के साथ किया जाना अनिवार्य है।
इस निरीक्षण प्रक्रिया में जिलाधिकारी के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन जी, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.पी. शर्मा, उप जिलाधिकारी अलीगंज और तहसीलदार अलीगंज सहित जिले के अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद जताई जा रही है कि गौशालाओं की स्थिति में सुधार होगा और सार्वजनिक निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी।
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