Etah News : साइबर ठगी पर बड़ा सवाल: लाखों की रकम वापस, फिर ठगों की गिरफ्तारी कहां?
Etah News : साइबर ठगी पर बड़ा सवाल: लाखों की रकम वापस, फिर ठगों की गिरफ्तारी कहां?
पीड़ितों के खातों में रकम वापसी की खबरें तो सुर्खियां बनती हैं, लेकिन साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी और गिरोहों के पर्दाफाश पर आखिर खामोशी क्यों?
एटा। जनपद में साइबर ठगी के जरिए आम जनता के बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ाए जाने के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। आए दिन खबरें सामने आती हैं कि साइबर ठगों द्वारा खाते से निकाली गई रकम पुलिस ने वापस करा दी। रकम वापस मिलना निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन इसके साथ ही एक गंभीर सवाल भी खड़ा होता है—जब पुलिस ठगी की रकम का पता लगाकर उसे पीड़ित के खाते में वापस कराने में सफल हो जाती है, तो उस रकम को उड़ाने वाले साइबर अपराधी आखिर पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों रहते हैं? एटा पुलिस की साइबर सेल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आखिर ठगी की रकम किन खातों में पहुंची? उन खातों का संचालन कौन कर रहा था? रकम निकालने वाले लोग कौन हैं और इस पूरे खेल के पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय है? यदि इन कड़ियों का पता लगाया जा सकता है, तो अपराधियों तक पहुंचने में क्या बाधा है? सवाल यह नहीं कि पैसा वापस क्यों आया, सवाल यह है कि ठग गिरफ्तार क्यों नहीं हुए? कहीं कार्रवाई केवल रकम वापस कराने तक सीमित तो नहीं रह गई? पुलिस को इन सवालों का जवाब तथ्यों और कार्रवाई के विवरण के साथ देना चाहिए। साइबर ठगी आम आदमी की मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है। पीड़ित को रकम लौटाना राहत है, लेकिन अपराधियों को गिरफ्तार करना, गिरोह का पर्दाफाश करना और भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाना भी उतना ही जरूरी है। अब एटा पुलिस के आला अधिकारियों से सवाल है कि कितने मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और कितने गिरोहों का पर्दाफाश किया गया? जनता को सिर्फ रकम वापसी की सुर्खियां नहीं, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी और ठोस कार्रवाई का हिसाब भी चाहिए। आखिर एटा में साइबर ठगों पर कानून का शिकंजा कब कसेगा?
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