अमृतपुर में आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था ठप, 60 खंभे गिरे
अमृतपुर तहसील में भीषण आंधी-बारिश से बिजली तंत्र ध्वस्त। 60 खंभे टूटने और 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने से 36 घंटे से अंधेरे में डूबे कई गांव।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र में हाल ही में हुई भीषण आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्राकृतिक आपदा के इस कहर ने न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि क्षेत्र के बिजली तंत्र की कमर तोड़कर रख दी है। पिछले 36 घंटों से दर्जनों गांव पूरी तरह से अंधेरे में डूबे हुए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत तंत्र पर आंधी का घातक प्रहार
मौसम के बदले मिजाज और तेज हवाओं के कारण विद्युत विभाग को भारी आर्थिक और तकनीकी नुकसान उठाना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे तहसील क्षेत्र में लगभग 60 बिजली के खंभे जड़ से उखड़कर गिर गए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य 33 केवी विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के चरमराने से न केवल रोशनी की समस्या उत्पन्न हुई है, बल्कि पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सेवाएं भी बाधित हो गई हैं।
ग्रामीणों के लिए विकट हुई स्थिति
बिजली गुल होने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। घरों में लगे पानी के पंप, फ्रिज और कूलर जैसे उपकरण शो-पीस बनकर रह गए हैं। सबसे अधिक समस्या मोबाइल चार्जिंग को लेकर हो रही है, जिसके कारण लोग अपने रिश्तेदारों और बाहरी दुनिया से कट गए हैं। छात्रों की पढ़ाई और घरेलू महिलाओं के कामकाज पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ दिन से बिजली न होने के कारण जीवन ठहर सा गया है और उन्हें हर पल अंधेरा होने का भय सता रहा है।
मरम्मत कार्य में जुटी टीमें
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इसे एक बड़ी चुनौती स्वीकार किया है। विभागीय कर्मचारियों की कई टीमें युद्धस्तर पर प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं। मरम्मत कार्य के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त 33 केवी लाइन को पुनर्जीवित करना और गिरे हुए खंभों के स्थान पर नए खंभे लगाना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार:
- प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों को भेजा गया है।
- टूटे हुए तारों को बदलने और खंभों को सीधा करने का कार्य जारी है।
- सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति बहाल की जा रही है।
इस संबंध में राजेश कुमार ने आश्वासन देते हुए कहा है कि विभाग की टीमें पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने व्यापक पैमाने पर हुए नुकसान को ठीक करने में समय लगना स्वाभाविक है, लेकिन वे जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रशासन और जनता का समन्वय
वर्तमान में, अमृतपुर के प्रभावित ग्रामीणों को धैर्य रखने की आवश्यकता है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि मरम्मत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और ग्रामीणों को इस संकट से बड़ी राहत मिलेगी।
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