संकिसा में अभिधम्म दिवस: पाली शोध संस्थान और विपश्यना केंद्र की घोषणा

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संकिसा में अभिधम्म दिवस पर पाली शोध संस्थान और विपश्यना केंद्र बनाने की घोषणा की। जानें बौद्ध सर्किट विकास की पूरी जानकारी।

Oct 26, 2026 - 21:38
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संकिसा में अभिधम्म दिवस: पाली शोध संस्थान और विपश्यना केंद्र की घोषणा

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मैनपुरी के जसराजपुर संकिसा में आयोजित अभिधम्म दिवस के भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। भगवान बुद्ध की पावन स्थली संकिसा के विकास को नई दिशा देते हुए उन्होंने कहा कि यहां पाली शोध संस्थान और विपश्यना ध्यान केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह कदम न केवल बौद्ध अनुयायियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा, बल्कि संकिसा को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करेगा।

बौद्ध सर्किट का सर्वांगीण विकास

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संकिसा का विकास मैनपुरी और फर्रूखाबाद दोनों जनपदों के आपसी समन्वय से सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत कार्य-योजना तैयार की जा रही है, जो क्षेत्र के समग्र बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार डबल इंजन की सरकार अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज का कायाकल्प कर रही है, उसी तर्ज पर देश के प्रमुख बौद्ध स्थलों का भी विकास किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश के बौद्ध सर्किट शामिल हैं।

सरकार की इन प्राथमिकताओं में कौशांबी का विपश्यना केंद्र, कुशीनगर का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और सारनाथ का विश्व धरोहर सूची में शामिल होना प्रमुख उदाहरण हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।

बुद्ध के संदेश और जन कल्याण की नीति

कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि भारत विश्व को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध का शांति मार्ग प्रदान कर रहा है। उन्होंने सम्राट अशोक की लोक कल्याणकारी परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि देशवासियों के मन में किसी भी प्रकार का विरोधाभास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान श्री राम और भगवान बुद्ध दोनों ही समान रूप से पूज्य हैं और उनके विचार देश की एकता के आधार हैं।

प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस आयोजन में देश-विदेश से आए भंतेगणों, उपासकों और बुद्ध अनुयायियों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें शामिल हैं:

  • शिवेश कुमार राम, राज्यसभा सांसद व अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • अशोक रावत, हरदोई सांसद
  • अनूप वाल्मीकि, हाथरस सांसद
  • रघुराज शाक्य, पूर्व सांसद
  • ममता राजपूत, जिलाध्यक्ष

इसके अलावा, जापान से पधारे पूज्य भंते और यूथ बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईबीएस) के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए। स्थानीय स्तर पर प्रबुद्ध नागरिकों की भारी भागीदारी ने इस उत्सव को एक सामाजिक और सांस्कृतिक महाकुंभ का स्वरूप दे दिया। संकिसा में इन नई सुविधाओं के आने से न केवल धार्मिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि यह क्षेत्र आने वाले समय में ध्यान और शोध का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। सरकार की यह पहल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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SuragBureau

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