कायमगंज: 32 घंटे की बारिश में ढही मिठाई की दुकान, साजिश के आरोपों से गरमाया मामला
कायमगंज में लगातार बारिश के चलते एक पुरानी मिठाई की दुकान ढह गई। दुकानदार ने मकान मालिक पर साजिश का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लगातार 32 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर प्रदेश के कायमगंज में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस भारी जलभराव और प्रतिकूल मौसम के बीच, नोनियमगंज मोहल्ले में एक पुरानी मिठाई की दुकान अचानक भरभराकर ढह गई। इस हादसे में दुकान के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान, जिसमें फ्रिज, डिस्प्ले काउंटर, कूलर और तैयार मिठाई शामिल थी, पूरी तरह मलबे में दबकर नष्ट हो गया। गनीमत यह रही कि घटना के समय दुकान में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस हादसे ने एक गंभीर विवाद को जन्म दे दिया है।
दुकानदार के आरोप और कानूनी खींचतान
दुकानदार जगदीश भारद्वाज ने इस घटना को मात्र एक प्राकृतिक हादसा मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वे पिछले 70 वर्षों से इस परिसर में किराएदार के रूप में मिठाई का व्यवसाय चला रहे हैं। भारद्वाज का दावा है कि दुकान के स्वामित्व को लेकर मकान मालिक और उनके बीच काफी समय से न्यायालय में विवाद चल रहा है और उनके पास इस संबंध में स्टे ऑर्डर भी है। दुकानदार का आरोप है कि उन्हें दुकान से बेदखल करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें धमकियां भी दी जा रही थीं। उनका आरोप है कि यह दुकान बारिश के कारण नहीं, बल्कि किसी सोची-समझी साजिश के तहत गिराई गई है ताकि उन्हें वहां से हटाया जा सके।
भाजपा नेता का पक्ष और जर्जर स्थिति का दावा
दूसरी ओर, दुकान के मालिक और भाजपा नेता पिंटू राठौर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका स्पष्ट कहना है कि दुकान का ढांचा बहुत पुराना और जर्जर हो चुका था। लगातार हो रही बारिश ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिसके कारण दुकान का हिस्सा ढह गया। उन्होंने कहा कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और वे किसी भी प्रकार की साजिश के आरोपों को बेबुनियाद मानते हैं। उनके अनुसार, यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक आपदा का परिणाम है जिसे बेवजह राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की भूमिका और जांच की दिशा
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और दोनों पक्षों के दावों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दुकान का गिरना महज एक हादसा था या इसके पीछे किसी प्रकार की मानवीय लापरवाही या साजिश छिपी है।
- आर्थिक नुकसान: दुकानदार का दावा है कि लाखों का सामान मलबे में दबने से बर्बाद हो गया है।
- कानूनी स्थिति: मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण प्रशासन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
- सुरक्षा चिंताएं: लगातार बारिश के चलते पुराने जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक चेतावनी है।
फिलहाल, पूरे इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ जहां बारिश का कहर जारी है, वहीं इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस दुखद घटना के वास्तविक कारण क्या थे और क्या किसी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
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