एटा पुलिस: लंबित विवेचनाओं में लापरवाही पर एएसपी की सख्त चेतावनी
एटा में लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण को लेकर एएसपी श्वेताभ पाण्डेय ने दिए निर्देश। लापरवाही बरतने वाले विवेचकों पर होगी विभागीय कार्रवाई।
एटा जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में पुलिस लाइंस स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित ऑर्डरली रूम (ओआर) बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 में दर्ज अभियोगों की विवेचना में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विवेचकों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ करें।
विवेचनाओं की समीक्षा और अधिकारियों का निर्देश
समीक्षा बैठक में सकीट सर्किल को छोड़कर नगर, सदर, जलेसर और अलीगंज सर्किल के विवेचकों की कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण लिया गया। एएसपी ने थानावार और सर्किलवार लंबित मुकदमों की सूची की जांच की। इस दौरान सामने आया कि कई मामलों में साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी और फॉरेंसिक रिपोर्ट समय पर न मिलने के कारण जांच लंबित है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि विवेचना की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता।
साक्ष्य संकलन और कानूनी प्रक्रिया पर जोर
एएसपी ने विवेचकों को निर्देश दिए कि वे घटनास्थल का निरीक्षण, फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन में कोई कमी न छोड़ें। मजबूत साक्ष्य ही न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाने का आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि:
- न्यायालय और उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अक्षरश: पालन अनिवार्य है।
- विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जाए।
- गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता
बैठक में महिला सुरक्षा और गंभीर अपराधों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। एएसपी ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट, हत्या, लूट, दहेज हत्या और महिला अपराध से संबंधित मामलों में विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र (चार्जशीट) समयबद्ध तरीके से न्यायालय में प्रेषित किए जाएं। इन मामलों में किसी भी प्रकार की देरी को लापरवाही माना जाएगा। क्षेत्राधिकारियों को भी अपने-अपने सर्किल में नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित करने के लिए कहा गया है ताकि जांच की गति बनी रहे।
लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
एएसपी श्वेताभ पाण्डेय ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर विवेचना में जानबूझकर देरी की गई या साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विवेचकों से कहा कि जनता की न्याय के प्रति उम्मीदों को पूरा करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप कुशवाहा उपस्थित रहे। प्रशासन का यह कदम जिले में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने और अपराधियों में भय पैदा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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