एटा: डीएम एम. अरुन्मोली ने राजस्व वादों और अतिक्रमण पर दिए सख्त निर्देश
एटा डीएम एम. अरुन्मोली ने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने और त्योहारों पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
एटा के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हालिया समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने प्रशासनिक कार्यों में गति लाने और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्व वादों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर ही होना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजस्व वादों और सरकारी भूमि पर विशेष जोर
बैठक के दौरान डीएम ने धारा 24, 67 और 116 के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुर्रा-बंटवारा, नाम संशोधन, नामांतरण और पैमाइश जैसे मामलों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इसके अतिरिक्त, सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
विशेष रूप से रास्तों, चारागाहों और तालाबों जैसी सार्वजनिक संपत्तियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के बाद, उन्होंने मनरेगा के माध्यम से भूमि को समतल करने और उसे उपयोगी बनाने की कार्ययोजना पर काम करने को कहा है। एंटी भू-माफिया अभियान के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एक बार अतिक्रमण मुक्त होने के बाद दोबारा वहां कब्जा न हो। ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व वसूली और विभागीय जवाबदेही
राजस्व संग्रह के लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्टाम्प एवं निबंधन, वाणिज्य कर, कृषि विपणन, खनन और परिवहन जैसे विभागों को प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी फील्ड निरीक्षण अनिवार्य है। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने विद्युत एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया है, जो विभागीय अनुशासन के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
त्योहारों पर खाद्य सुरक्षा की निगरानी
आगामी त्योहारों के मद्देनजर जन स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की बड़ी प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे तहसील स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाएं। उन्होंने विशेष रूप से मिठाई, दूध, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर दिया है। यदि किसी भी स्तर पर मिलावट पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में एटा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय नारायण सिंह और अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश मौर्य सहित सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी और तहसीलदार उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंच सके।
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