फर्रुखाबाद: NHM संविदा कर्मचारियों का थाली-कटोरी बजाकर अनोखा प्रदर्शन
फर्रुखाबाद में NHM संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर थाली-कटोरी बजाकर विरोध जताया, इमरजेंसी सेवा बंद की चेतावनी दी।
फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अपनी लंबित मांगों, विशेषकर 'समान काम-समान वेतन' और नियमितीकरण को लेकर इन कर्मचारियों ने विरोध का एक अनूठा रास्ता अपनाया है। गुरुवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने थाली, कटोरी और शंख बजाकर शासन-प्रशासन को अपनी उपस्थिति का अहसास कराया। यह प्रदर्शन न केवल कर्मचारियों के आक्रोश को दर्शाता है, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का यह आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ है। इसकी शुरुआत पांच अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध से हुई थी। जब शासन और विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरने का मार्ग चुना। वर्तमान में, ये कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम चार बजे तक कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय के बाहर डटे हुए हैं।
संघ के जिलाध्यक्ष राज आर्यन अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई केवल वेतन वृद्धि की नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में रीढ़ की हड्डी बनकर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान और आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके वे हकदार हैं। धरने पर बैठीं शाहिना बानो ने भी अपनी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
इमरजेंसी सेवाओं पर मंडराता संकट
आंदोलन का सबसे चिंताजनक पहलू स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला प्रभाव है। हालांकि, कर्मचारी वर्तमान में इमरजेंसी सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे इन अनिवार्य सेवाओं से भी खुद को अलग कर लेंगे। इस चेतावनी ने स्वास्थ्य महकमे में हलचल मचा दी है, क्योंकि इमरजेंसी सेवाएं बंद होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासनिक सतर्कता और आगे की राह
धरना स्थल पर जिला महामंत्री राखी शाहिद सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएमओ कार्यालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके। 12 अक्टूबर को लखनऊ कूच करके भी कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की थी, लेकिन अब तक कोई समाधान न निकलना प्रशासन की ढिलाई को दर्शाता है।
मुख्य मांगें:
- समान काम के लिए समान वेतन का भुगतान।
- संविदा कर्मियों का नियमितीकरण सुनिश्चित करना।
- लंबित पड़े सेवा संबंधी लाभों का तत्काल निराकरण।
अब सबकी निगाहें स्वास्थ्य विभाग और उत्तर प्रदेश शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सरकार समय रहते इन कर्मचारियों की मांगों पर विचार करेगी या फिर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक और बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा? इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से स्पष्ट हो जाएगा। तब तक, फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों का यह संघर्ष जारी रहेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)