फर्रुखाबाद डीएम का अनोखा अंदाज: फावड़ा उठाकर परखी विकास कार्यों की हकीकत
फर्रुखाबाद की डीएम ने गांधी गांव में चकमार्ग निर्माण का निरीक्षण कर खुद फावड़ा चलाया। श्रमिकों से संवाद कर विकास कार्यों की गुणवत्ता और मजदूरी भुगतान पर जोर दिया।
सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति और धरातल पर हो रहे विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए फर्रुखाबाद की जिलाधिकारी ने एक अनूठी पहल की। वे सीधे राजेपुर ब्लॉक के गांधी गांव पहुंचीं, जहां 'वीबी-जी रामजी' योजना के तहत चल रहे चकमार्ग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता को बारीकी से परखा, बल्कि खुद फावड़ा उठाकर श्रमदान किया। उनका यह कदम न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि श्रमिकों के मनोबल को भी बढ़ाने वाला रहा।
श्रमिकों से सीधा संवाद और मजदूरी की पड़ताल
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यस्थल पर मौजूद महिला श्रमिकों रामा देवी, विमला और काजल से सीधे संवाद किया। उन्होंने श्रमिकों से उनकी दैनिक मजदूरी, भुगतान प्रक्रिया और कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। महिला श्रमिकों ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी मिल रही है, जो सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रमिकों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पारदर्शिता के साथ मिले। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास कार्यों में लगे मजदूरों को किसी भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चकमार्ग निर्माण: मानक और गुणवत्ता पर जोर
गांधी गांव में नौसारा से दहेलिया डामर रोड तक 937 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा चकमार्ग बनाया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 2.54 लाख रुपये निर्धारित है। जिलाधिकारी ने मौके पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ग्राम रोजगार सेवकों को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो ताकि ग्रामीण आवागमन को सुगम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
बाढ़ प्रभावित रास्तों की मरम्मत के निर्देश
चकमार्ग के अलावा, जिलाधिकारी ने क्षेत्र में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए रास्तों और आरसीसी कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को बहाल करने के लिए रास्तों की मरम्मत का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि आम जनमानस को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रमदान का संदेश और प्रशासनिक जवाबदेही
जिलाधिकारी द्वारा स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान करना वहां मौजूद ग्रामीणों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा का विषय बना। यह दृश्य न केवल श्रम के सम्मान को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने की निष्ठा में निहित है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ और उपजिलाधिकारी श्वेता साहू सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करने और समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों को पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि फर्रुखाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
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