एटा पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी के 36,083 रुपये पीड़ित को वापस मिले
एटा की थाना पिलुआ साइबर हेल्प डेस्क टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड का शिकार हुए पीड़ित के 36,083 रुपये वापस कराए। एटा पुलिस की सराहनीय पहल।
डिजिटल युग में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा जितनी बढ़ी है, साइबर अपराधों का खतरा भी उसी गति से बढ़ा है। आए दिन लोग अज्ञात ठगों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। हालांकि, एटा पुलिस की सक्रियता और उनकी विशेष साइबर हेल्प डेस्क टीम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ उनकी मुहिम बेहद प्रभावी है। हाल ही में थाना पिलुआ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें एक पीड़ित के 36,083 रुपये की धनराशि को सुरक्षित वापस उनके खाते में स्थानांतरित कराया गया है।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जि. के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्री श्वेताभ पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन की खोई हुई धनराशि को वापस दिलाने के लिए जिले में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत क्षेत्राधिकारी साइबर श्री नीतीश गर्ग के नेतृत्व में थाना पिलुआ की साइबर हेल्प डेस्क टीम को एक शिकायत प्राप्त हुई थी।
त्वरित कार्रवाई और सफल परिणाम
शिकायत मिलने के तुरंत बाद थाना पिलुआ की साइबर टीम ने बिना समय गंवाए मामले की जांच शुरू की। साइबर ठगों द्वारा अपनाए गए तकनीकी तरीकों और डिजिटल फुटप्रिंट्स का विश्लेषण करते हुए टीम ने संबंधित बैंक और पेमेंट गेटवे के साथ समन्वय स्थापित किया। टीम के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि ठगी गई पूरी धनराशि 36,083 रुपये पीड़ित के खाते में वापस आ सकी। अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर पीड़ित ने राहत की सांस ली और एटा पुलिस व विशेष रूप से थाना पिलुआ साइबर हेल्प डेस्क टीम के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
साइबर हेल्प डेस्क टीम की भूमिका
इस सराहनीय कार्य में थाना पिलुआ की साइबर हेल्प डेस्क टीम के सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया है। इस टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल थे:
- थानाध्यक्ष संदीप राणा
- व0उ0नि0 अनिल कुमार
- क0आ0 नितिन कुमार
- म0का0 रूबी चौहान
- रि0म0का0 प्रियंका साहू
इन सभी पुलिसकर्मियों की तत्परता ने यह सिद्ध किया है कि यदि समय रहते साइबर अपराध की सूचना हेल्प डेस्क को दी जाए, तो धनराशि की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।
आमजन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
एटा पुलिस ने इस घटना के माध्यम से नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी (OTP) या पिन किसी के साथ साझा न करें। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं और तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें अथवा अपने नजदीकी थाना स्थित साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें। एटा पुलिस साइबर अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और भविष्य में भी इसी प्रकार की त्वरित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटना न केवल पीड़ित के लिए राहत भरी है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी एक उदाहरण है कि साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना कितना आवश्यक है।
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