पुलिस स्मृति दिवस: एटा में वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
एटा पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को नमन किया गया। उनके बलिदान की गाथा और कार्यक्रम का विवरण।
पुलिस स्मृति दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार को पुलिस लाइन एटा स्थित शहीद स्मारक पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीद पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दिन न केवल उन शहीदों को याद करने का है जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, बल्कि यह उन मूल्यों को भी याद करने का दिन है जो एक पुलिसकर्मी के जीवन का आधार होते हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जी. ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानन्द और जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी शहीदों के सम्मान में पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान वातावरण देशभक्ति और सम्मान की भावना से ओतप्रोत रहा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व
इस अवसर पर पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। यह दिवस 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना की याद दिलाता है जब लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जांबाज जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े हमले का डटकर मुकाबला किया था। देश की सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा करते हुए इन जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हीं वीर जवानों की शहादत को सम्मानित करने और उनके साहस को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पुलिस सेवा की चुनौतियां और कर्तव्यनिष्ठा
पुलिसकर्मियों का जीवन चुनौतियों और जोखिमों की एक निरंतर श्रृंखला है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विषम परिस्थितियों में जनसेवा के लिए वे सदैव तत्पर रहते हैं। चाहे त्योहारों की भीड़ हो या प्राकृतिक आपदाएं, पुलिस बल अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ा रहता है। कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर जवानों का बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा और यह संदेश देता है कि राष्ट्र सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
इस स्मरणोत्सव में जिले के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें क्षेत्राधिकारी नगर कीर्तिका सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप कुशवाह, क्षेत्राधिकारी सकीट नीतीश गर्ग, क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात अरुण कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी कार्यालय सुनील अहलावत प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रशांत राणा और प्रतिसार निरीक्षक किशन लाल गौतम ने भी शहीदों की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की।
इस आयोजन के माध्यम से एटा पुलिस बल ने एक बार फिर यह संकल्प दोहराया कि वे शहीदों के बताए गए साहस और ईमानदारी के मार्ग पर चलकर समाज की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। शहीदों के सम्मान में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक रस्म थी, बल्कि पुलिस बल की एकजुटता और देश के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक भी था।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)