आतिशबाजी की कोठरी में भीषण धमाका, इमारत जमींदोज

Oct 02, 2026 - 08:35
0 2
आतिशबाजी की कोठरी में भीषण धमाका, इमारत जमींदोज

block-350 block-350

आतिशबाजी की कोठरी में भीषण धमाका, इमारत जमींदोज

एक किलोमीटर से अधिक दूर तक गूंजी विस्फोट की आवाज, 70 मीटर दूर जा गिरा कोठरी का गेट; मलबे में मिले सात फायर सेफ्टी सिलेंडर

फर्रुखाबाद/शमसाबाद। नगर पंचायत शमसाबाद के मोहल्ला लाडमपुर दोयम में गुरुवार दोपहर आतिशबाजी बनाने वाली एक कोठरी में अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरी कोठरी देखते ही देखते जमींदोज हो गई। धमाके की आवाज एक किलोमीटर से अधिक दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त लाइसेंसधारक आतिशबाज सफरुद्दीन निवासी मोहल्ला मीरा दरवाजा मौके पर मौजूद नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट के बाद कोठरी का मलबा दूर तक बिखर गया, जबकि उसका गेट करीब 70 मीटर दूर जाकर गिरा। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के क्षेत्रों में भी इसकी आवाज सुनाई दी और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।

सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी कायमगंज, उपजिलाधिकारी कायमगंज, फायर सिक्योरिटी फोर्स और दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई। कोठरी के मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मंगानी पड़ी। मलबा हटाए जाने के दौरान वहां से सात फायर सेफ्टी सिलेंडर बरामद हुए। इससे आशंका जताई जा रही है कि कोठरी में आतिशबाजी बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी और वहां बड़े स्तर पर काम किया जा रहा था। करीब शाम 4:55 बजे अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आतिशबाज से पूछताछ की। इसके बाद फील्ड यूनिट/फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। विस्फोट की वास्तविक वजह क्या थी और मौके पर कितनी मात्रा में आतिशबाजी निर्माण सामग्री मौजूद थी, इसका पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय लोगों के अनुसार इस स्थान पर करीब 35 वर्षों से आतिशबाजी बनाने का काम संचालित होने की बात सामने आ रही है। इतने लंबे समय से आबादी के बीच आतिशबाजी निर्माण होने के बावजूद सुरक्षा मानकों और अनुमति से जुड़े सवाल अब हादसे के बाद फिर उठ खड़े हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी पहुंचे, लेकिन घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर जिम्मेदार अधिकारी मीडिया के सामने स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए। अधिकारियों की चुप्पी ने हादसे की परिस्थितियों, आतिशबाजी निर्माण की अनुमति और सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्रुखाबाद जिले में आतिशबाजी निर्माण और भंडारण से जुड़े हादसों का यह पहला मामला नहीं है। पिछले वर्षों में भी आतिशबाजी के दौरान घटनाएं सामने आती रही हैं।

ऐसे में रिहायशी इलाकों के आसपास आतिशबाजी निर्माण और भंडारण की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होना बाकी है कि कोठरी में आतिशबाजी निर्माण और भंडारण के लिए सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User