मलावन में डीएम का ताबड़तोड़ निरीक्षण, व्यवस्थाओं में मिली खामियां तत्काल दूर करने के निर्देश
मलावन में डीएम का ताबड़तोड़ निरीक्षण, व्यवस्थाओं में मिली खामियां तत्काल दूर करने के निर्देश
गौशाला में चारा-पानी और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति व गुणवत्तापूर्ण एमडीएम पर जोर
एटा। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने गुरुवार को मलावन क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने निराश्रित गोवंश आश्रय केंद्र, सामुदायिक भवन, सामुदायिक शौचालय, परिषदीय विद्यालयों और पंचायत सचिवालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले अस्थायी निराश्रित गोवंश आश्रय केंद्र मलावन का निरीक्षण किया। यहां करीब 350 गोवंश संरक्षित मिले, जिनमें 176 नर और 174 मादा गोवंश हैं। देखभाल के लिए सात केयरटेकर तैनात हैं।
निरीक्षण के दौरान चारे की उपलब्धता संतोषजनक मिली। जिलाधिकारी ने केयरटेकरों के भुगतान की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने बीडीओ सकीट अजीत कुमार सिंह और पशु चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह को गोवंश के लिए पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गौशाला परिसर में जलभराव मिलने पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने को कहा। चारागाह की भूमि पर नेपियर घास तैयार कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि गोवंश को समय से चारा, पानी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलनी चाहिए। मलावन के सामुदायिक भवन का निरीक्षण करते हुए डीएम ने साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन का उपयोग शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए ग्रामीणों को समुचित रूप से मिलना चाहिए। सामुदायिक शौचालय के निरीक्षण में उन्होंने निर्धारित समय पर नियमित संचालन, साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय पंचायत सचिव नवनीत सिंह को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। शौचालय में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय समय से खातों में भेजने को भी कहा। इसके बाद जिलाधिकारी ने परिषदीय विद्यालय मलावन प तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय मलावन का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षिक स्थिति की जानकारी ली। विद्यालयों में यूनिफॉर्म की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन से धनराशि मिलने के बाद कोई भी बच्चा बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय न आए। मिड-डे मील की गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए डीएम ने निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न व मसालों का प्रयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रसोइयों के मानदेय भुगतान की स्थिति भी जानी। उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह की छात्रा जया और छात्र आर्यन से पुस्तक पढ़वाकर उनके पठन कौशल का परीक्षण किया। विद्यार्थियों ने तत्परता से पाठ पढ़कर सुनाया। डीएम ने विद्यालय में स्मार्ट क्लास शीघ्र शुरू कर नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय के वॉशरूम की नियमित सफाई और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण में बच्चों की संख्या कम मिलने पर संबंधित कार्यकर्त्री और सहायिका को शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने पंचायत सचिवालय मलावन का निरीक्षण किया। पंचायत सहायक आरती उपस्थित मिलीं। डीएम ने ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और प्रमाण-पत्र संबंधी पत्रावलियों का अवलोकन किया। इस दौरान आय, जाति और मूल निवास प्रमाण-पत्रों की कुछ पत्रावलियों में लाभार्थियों के मोबाइल नंबर दर्ज नहीं मिले। कई पत्रावलियों में केवल फार्म नंबर अंकित कर उन्हें आगे भेजा गया था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अभिलेखों और रजिस्टरों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने तथा प्रत्येक पत्रावली में आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। पंचायत निरीक्षक और पंचायत सचिव को पंचायत सचिवालय का नियमित निरीक्षण करने को कहा। डीएम ने कहा कि पंचायत सचिवालय के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसलिए रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और लेखपालों के लिए जारी रोस्टर का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए। संबंधित कर्मचारी निर्धारित दिवसों में पंचायत सचिवालय में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं और कार्यों का निस्तारण करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को तत्काल दूर कराया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं एवं जनसुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर बीएसए अनुपम अवस्थी, बीडीओ सकीट अजीत कुमार सिंह, पंचायत सचिव नवनीत सिंह, पशु चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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