महर्षि वाल्मीकि जयंती: फर्रुखाबाद में सामाजिक समरसता का संदेश
फर्रुखाबाद में महर्षि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सामाजिक सद्भाव और महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
फर्रुखाबाद जनपद में महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार को आयोजित इन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य न केवल आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक योगदान को याद करना था, बल्कि उनके द्वारा दिए गए समानता और मानवीय मूल्यों के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना भी था। शासन के निर्देशों के क्रम में जिले के विभिन्न वाल्मीकि मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और गोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।
प्रभारी मंत्री ने दी उपस्थिति
कार्यक्रम की मुख्य कड़ी में फतेहगढ़ के ग्वालटोली स्थित वाल्मीकि मंदिर में एक भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने विशेष रूप से उपस्थित होकर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने अपने संबोधन में महर्षि वाल्मीकि को भारतीय संस्कृति का स्तंभ बताते हुए कहा कि रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर उन्होंने न केवल विश्व को एक महाकाव्य दिया, बल्कि मानवता को सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी दी।
आदर्शों का आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि
मंत्री जयवीर सिंह ने जोर देकर कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का तात्पर्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि उनके जीवन के संघर्षों और आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारना है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें यह सिखाता है कि कोई भी व्यक्ति अपने कर्म और ज्ञान के माध्यम से समाज में उच्च स्थान प्राप्त कर सकता है। उनके विचार आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर समरसता का वातावरण बनाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे भारतीय गौरवशाली परंपराओं को समझें और उन्हें आगे बढ़ाएं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक झलकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने भक्ति गीतों और कविताओं के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन के विभिन्न पहलुओं को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं, सूचना विभाग द्वारा भेजी गई नुक्कड़ नाटक की टोलियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक जागरूकता, आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को न केवल मंत्रमुग्ध किया, बल्कि उन्हें समाज में एकता के महत्व के प्रति जागरूक भी किया।
प्रशासनिक और सामाजिक सहभागिता
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी एसके तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोग उपस्थित रहे। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और लोगों ने एक-दूसरे को जयंती की बधाई देते हुए समाज में समानता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह आयोजन फर्रुखाबाद में सामाजिक एकता की मिसाल के रूप में दर्ज हुआ, जिसने सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का कार्य किया।
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