कायमगंज में दशहरे की धूम: रावण दहन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कायमगंज के नवीन मंडी परिसर में 30 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन। 15 हजार लोगों की भीड़ और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व कायमगंज में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मंगलवार को स्थानीय नवीन मंडी परिसर में दशहरा उत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन स्थल पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के 30-30 फीट ऊंचे विशाल पुतले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। श्रीरामलीला समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की शोभायात्रा के आगमन के पश्चात बुराई के प्रतीकों का दहन किया जाएगा। उम्मीद है कि इस आयोजन के साक्षी बनने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 10 से 15 हजार लोग एकत्र होंगे।
चार दशकों से चली आ रही परंपरा
कायमगंज के दशहरा उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता इसके पुतलों की बनावट है। विगत 45 वर्षों से मोहल्ला चिलाका निवासी अनिल इन पुतलों को तैयार करने की परंपरा निभा रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने चार अन्य कारीगरों के साथ मिलकर करीब 20 दिनों की कड़ी मेहनत से इन विशाल पुतलों को आकार दिया है। इन पुतलों के निर्माण में लगभग 55 हजार रुपये की लागत आई है। नवीन मंडी परिसर में पुतलों को देखने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है, जहां बच्चे और युवा उनके साथ सेल्फी लेते हुए देखे जा सकते हैं। परिसर में मेले जैसा माहौल है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले और चाट-पकौड़ी की दुकानें सजी हैं।
शोभायात्रा और कार्यक्रम का स्वरूप
आयोजन समिति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे सिटी ग्राउंड से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और वानर सेना की भव्य शोभायात्रा निकलेगी। यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए करीब 5:15 बजे नवीन मंडी परिसर पहुंचेगी। इसके बाद पारंपरिक विधि-विधान से पुतलों का दहन किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने भी कमर कस ली है। आयोजन स्थल पर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुतलों से 30 फीट की दूरी पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।
आतिशबाजी को लेकर चर्चा
इस वर्ष आतिशबाजी के प्रदर्शन को लेकर दर्शकों में थोड़ी मायूसी है। पूर्व के वर्षों में अलीगंज और फर्रुखाबाद से विशेष आतिशबाजी मंगाई जाती थी, लेकिन इस बार समिति ने रेडीमेड आतिशबाजी का ही प्रबंध किया है। समिति के पदाधिकारियों मनोज कौशल, आदेश अग्निहोत्री, संजय गुप्ता, अमित सेठ, पीयूष अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल और सत्यप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भी प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जैसे ही शाम ढलेगी, पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों और बुराई के अंत के साथ गूंज उठेगा, जो कायमगंज की सांस्कृतिक एकता का परिचायक होगा।
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