एटा पुलिस ने चलाया साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, लोगों को ठगी से बचने के बताए उपाय
एटा पुलिस ने चलाया साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, लोगों को ठगी से बचने के बताए उपाय
एटा। साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत एटा पुलिस ने जनपदभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान विद्यालयों, कॉलेजों, बाजारों और ग्राम सभाओं में पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं सहित आमजन को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय एवं अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानंद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर नीतीश गर्ग के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।
पुलिस ने लोगों को आगाह किया कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण, पासवर्ड और ओटीपी साझा न करें। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान के लिए यूपीआई पिन की आवश्यकता होती है, लेकिन भुगतान प्राप्त करने के लिए इसकी जरूरत नहीं होती। किसी परिचित की आवाज में ऑनलाइन रुपये मांगे जाने पर पहले संबंधित व्यक्ति से फोन करके पुष्टि करने की सलाह दी गई। साथ ही, अनजान ट्रेडिंग एप में निवेश, विदेश में नौकरी के फर्जी ऑफर, बीमा या सब्सिडी के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचने को कहा गया। अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के वीडियो और तस्वीरें साझा न करने तथा कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को न देने की अपील भी की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है और किसी भी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं किया जाता। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। एटा पुलिस ने नागरिकों से स्वयं सतर्क रहने और दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
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