कायमगंज रामलीला का भव्य समापन: आस्था, परंपरा और मर्यादा का संगम
फर्रुखाबाद के कायमगंज में श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला का समापन भक्ति और मर्यादा के साथ हुआ। जानें कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां और संदेश।
फर्रुखाबाद के कायमगंज में श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला का मंचन इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। आयोजन के अंतिम दिवस पर संपूर्ण नगर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान रहा। समापन समारोह के दौरान प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न एवं माता सीता का विधि-विधान पूर्वक तिलक-पूजन किया गया। इस भावपूर्ण वातावरण में उपस्थित जनसमूह ने आरती उतारकर प्रभु के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सत्य प्रकाश अग्रवाल, महामंत्री मनोज कौशल और नगर पालिका अध्यक्ष शरद गंगवार ने आयोजन की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी सहयोगियों, कलाकारों और श्रद्धालुओं का आभार प्रकट किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में न केवल आस्था का संचार करते हैं, बल्कि आपसी सद्भाव और नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाते हैं। यह आयोजन नई पीढ़ी को हमारी गौरवशाली परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
धार्मिक परंपरा और अनुशासन का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वृंदावन से पधारे व्यासपीठासीन आचार्य अवधेश जी ने रामलीला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन की सार्थकता उसकी भव्यता में नहीं, बल्कि उसमें निहित अनुशासन, पवित्रता और मर्यादा में होती है। उन्होंने विशेष रूप से स्वर्गीय चंद्र प्रकाश अग्रवाल ‘पिक्को बाबू’ को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ही कायमगंज की रामलीला वर्षों से अपनी धार्मिक शुद्धता और उच्च मर्यादाओं को अक्षुण्ण बनाए हुए है। आचार्य जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, कर्तव्य और मर्यादा का प्रतीक है, और रामलीला का मुख्य उद्देश्य उनके इन्हीं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना है।
सहभागिता और समुदाय की एकजुटता
इस भव्य आयोजन में नगर के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, संजय बंसल, पवन गुप्ता, संजय अग्रवाल ‘मुन्ना’, अनिल अग्रवाल, राजेश अग्निहोत्री, पीयूष अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, मनोज गुप्ता, पीयूष गंगवार, सोनू, संजीव शाक्य और डॉ. संतोष गौड़ सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समापन के दौरान आयोजित तिलक-पूजन और आरती की बेला में वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। आयोजन समिति ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में भी इस परंपरा को उसी मर्यादा और उत्साह के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। मर्यादा, श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न हुई यह रामलीला नगरवासियों के लिए एक सुखद और प्रेरणादायक अनुभव रही, जिसने सभी को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। अंत में, सभी आगंतुकों के लिए प्रसाद वितरण के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन हुआ।
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