कानपुर में पकड़ा गया 15 हजार का इनामी गैंगस्टर, फल बेचकर कर रहा था छिपने की कोशिश

जीएसटी चोरी और फर्जी फर्म के मामले में वांछित 15 हजार के इनामी गैंगस्टर रामनरेश को कानपुर से पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी फल बेचकर पहचान छिपा रहा था।

Oct 06, 2026 - 21:01
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कानपुर में पकड़ा गया 15 हजार का इनामी गैंगस्टर, फल बेचकर कर रहा था छिपने की कोशिश

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कानपुर और कायमगंज के बीच लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे एक शातिर अपराधी को आखिरकार कानून के शिकंजे में ले लिया गया है। जीएसटी चोरी और फर्जी फर्मों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने के आरोपी 15 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए काफी समय से कानपुर के एक इलाके में फल का ठेला लगाकर रह रहा था, ताकि पुलिस की नजरों से बच सके।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम और पुलिस की दबिश

कायमगंज पुलिस को लंबे समय से इस गैंगस्टर की तलाश थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी रामनरेश गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के बाद कायमगंज कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ल, कस्बा चौकी प्रभारी इमरान फरीद और सर्विलांस टीम के उपनिरीक्षक संतकुमार की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने कानपुर नगर के पनकी थाना क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी, रतनपुर में घेराबंदी की। वहां आरोपी फल का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन कर रहा था। पुलिस की दबिश के दौरान उसे भागने का मौका नहीं मिला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आपराधिक पृष्ठभूमि और फर्जीवाड़े की परतें

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रामनरेश मूल रूप से कन्नौज के मोहल्ला छपट्टी का निवासी है। उस पर वर्ष 2022 और 2023 के दौरान कायमगंज कोतवाली में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जीएसटी चोरी से संबंधित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी दो मामले दर्ज हैं। इन अपराधों के चलते ही उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जुबेर खान गैंग का एक सक्रिय सदस्य है। 24 दिसंबर 2025 को दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जुबेर खान को गैंग का लीडर नामजद किया गया था, जिसमें रामनरेश के साथ-साथ सुखवीर, पुष्पेंद्र, आदेश, मोबिन, तारिफ उर्फ तालिब और पवन मिश्रा समेत कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था।

बदले हुए भेष में छिपे होने की रणनीति

पूछताछ के दौरान रामनरेश ने स्वीकार किया कि वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। उसने कानपुर के व्यस्त इलाके में फल का ठेला इसलिए चुना था ताकि आम लोगों के बीच उसकी पहचान उजागर न हो सके और वह किसी को शक न हो। यह मामला तंबाकू के कारोबार में फर्जी फर्मों के जरिए किए गए बड़े जीएसटी घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच अभी भी जारी है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

कानपुर से गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को कायमगंज ले आई है। इस गिरफ्तारी को पुलिस विभाग की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में अन्य सहयोगियों और इस गिरोह द्वारा की गई अन्य धोखाधड़ी की घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो सकती हैं। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी की जा रही है। यह मामला स्पष्ट करता है कि कानून से बचने के लिए अपराधी चाहे कितनी ही शातिर चालें क्यों न चलें, अंततः उन्हें पकड़े जाने का डर बना रहता है।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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